मोहर्रम पर्व की 10वीं तारीख को सिया समाज ने शनिवार सुबह शहर में मातमी जुलूस निकाला। यह जुलूस सुबह 9 बजे सिंधीपुरा स्थित इमामबाड़ा से निकाला गया जो बुधवारा, इकबाल चौक, गांधी चौक से होता हुआ फव्वारा चौक, सिटी कोतवाली थाना के सामने और शहर के विभिन्न मार्गो से होता हुआ वापस सिंधीपुरा पहुंचा। इस दौरान समाजजन ने नोहे पढ़े। साथ ही मातम किया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में समाजजन शामिल थे। कुछ लोग अलम लेकर चले। समाज के जॉनी पहलवान ने बताया कर्बला में 1400 साल पहले पैग़ंबरे इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों को यजीद ने शहीद करा दिया था। इस्लाम की सरबुलंदी के लिए हजरत इमाम हुसैन ने यह कुर्बानी दी थी। उन्हीं की याद में यह मातमी जुलूस निकाला जाता है। उन्होंने कहा जुल्म के खिलाफ कल भी प्रोटेस्ट जारी था आज भी जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
मातम करते हुए शरीर से बह निकलता है खून
हजरत इमाम हुसैन की याद में समाजजन खूब मातम करते हैं। अपने शरीर पर चोट पहुंचाकर दुख जाहिर करते हैं। इससे खून भी बह निकलता है। काफी लोग जुलूस देखने पहुंचते हैं। सालों से बुरहानपुर में मोहर्रम की 10वीं तारीख को मातमी जुलूस निकालने की परंपरा जारी है।